Showing posts with label poetry. Show all posts
Showing posts with label poetry. Show all posts

Tuesday, October 23, 2012

चाँदनी रात

चाँदनी  रात

चाँद पूरा है  आसमा  में, और चाँदनी  बेह रही  खिड़की  से  आए झोके  के साथ।
आप  बोल तो रही हो नहीं, मगर आप  के  आवाज़ सुन रहें हैं हम।।

कहाँ चाँद है, और कहाँ की ज़मी
वहां आप हैं, और यहाँ हम कहीं।
मानतें है चाँद को आपसे तुलना है न सही, मगर क्या करे दीवाने है आपके ऐ हसी,
चाँद से भी प्यारा लगती है आप जब हँसी।।

आज की रात आप को हमारे आँखें देख नहीं सके तो क्या हुआ,
हमारे यादों में आप की तस्वीर को देखते नींद की डोली में सो जाएँगे हम।